बजट 2026: मिडिल क्लास को कितनी राहत? सस्ता-महंगा क्या बदला?

P Sharma

बजट 2026

भारत का केंद्रीय बजट 2026-27 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया, जो ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह बजट आर्थिक स्थिरता, बुनियादी ढांचे और समावेशी विकास पर केंद्रित है

बजट का आकार और थीम

कुल बजट 2026 का आकार लगभग 53.5 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें राजकोषीय घाटा 4.3% पर नियंत्रित रखा गया। मुख्य थीम ‘सबका विकास’ है, जो गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर फोकस करता है। चार इंजन—कृषि, एमएसएमई, निवेश और निर्यात—पर जोर दिया गया।

बजट 2026: Budget Highlights (Key Features of Budget) डाउनलोड PDF

बजट 2026-प्रमुख घोषणाएं

  • इंफ्रास्ट्रक्चर: पूंजीगत व्यय 12.2 लाख करोड़ रुपये बढ़ाया गया, जिसमें 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (जैसे मुंबई-पुणे, दिल्ली-वाराणसी) शामिल। इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना।​
  • कर सुधार: 1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून लागू। नई कर व्यवस्था में स्लैब और रिबेट में राहत, टीसीएस दरें घटाईं (विदेश यात्रा पैकेज पर 2%, एलआरएस शिक्षा/मेडिकल पर 2%)। टीडीएस मानव संसाधन सेवाओं पर 1-2%।
    • बजट 2026 में आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पुरानी व्यवस्था ही जारी रहेगी, जिसमें पुराना और नया टैक्स रिजीम दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।​
    • पुराना टैक्स रिजीम (Old Regime)
    • यह रिजीम डिडक्शन (जैसे 80C, HRA) की अनुमति देता है। स्लैब इस प्रकार हैं:
    • 2,50,000 रुपये तक: 0%
    • 2,50,001 से 7,00,000: 5%
    • 7,00,001 से 10,00,000: 10%
    • 10,00,001 से 12,00,000: 15%
    • 12,00,001 से 15,00,000: 20%
    • 15,00,000 से ऊपर: 30%
    • नया टैक्स रिजीम (New Regime)
    • यह डिफॉल्ट है, कम दरें लेकिन सीमित डिडक्शन। स्लैब:
    • 3,00,000 रुपये तक: 0%
    • 3,00,001 से 7,00,000: 5%
    • 7,00,001 से 10,00,000: 10%
    • 10,00,001 से 12,00,000: 15%
    • 12,00,001 से 15,00,000: 20%
    • 15,00,000 से ऊपर: 30%
    • अन्य बदलाव: नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू, रिवाइज्ड रिटर्न डेडलाइन बढ़ी।
  • ऊर्जा और सुधार: बिजली वितरण सुधारों के लिए राज्यों को अतिरिक्त उधारी की अनुमति। 2047 तक 100 जीडब्ल्यू न्यूक्लियर ऊर्जा का लक्ष्य।

बजट 2026-सेक्टर-विशेष प्रभाव

सेक्टरमुख्य प्रावधानअपेक्षित लाभ
कृषिउत्पादकता बढ़ाने पर फोकसअन्नदाता सशक्तिकरण 
एमएसएमईसमर्थन और निर्यात प्रोत्साहनरोजगार सृजन ​
स्वास्थ्यपीएम दिव्यांश केंद्र मजबूत, एनआईएमएचएनएस-2दिव्यांगों के लिए सहायक उपकरण 
रेल/परिवहनहाई-स्पीड कॉरिडोरकनेक्टिविटी में सुधार ​

बजट 2026 में कस्टम ड्यूटी बदलाव से कई जरूरी चीजें सस्ती हुई हैं, जबकि कुछ पर टैक्स बढ़ा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थ और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दिया

सस्ती हुई चीजें

  • जूते, बैग, चमड़े के सामान और बीड़ी।
  • मोबाइल बैटरी, माइक्रोवेव ओवन पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स।
  • कैंसर (17 दवाएं), शुगर और 7 गंभीर बीमारियों की दवाएं।
  • सोलर एनर्जी सामान, सीएनजी, बायोगैस और EV कल-पुर्जे।
  • विदेश यात्रा, पढ़ाई (TCS 5% से 2%) और पर्सनल आयात (20% से 10%)।

महंगी हुई चीजें

चीजकारण
शराबकस्टम ड्यूटी बढ़ी 
कोयला, स्क्रैपटैक्स वृद्धि ​
खनिजड्यूटी बढ़ोतरी
बजट 2026 presenting by Honorable Nirmala Sitaraman (video Source Official website)

बजट 2026-आम आदमी पर असर

मध्यम वर्ग को कर राहत से फायदा, जबकि बुनियादी ढांचे से रोजगार बढ़ेगा। लंबे समय में आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता मजबूत होगी।

यह बजट 2026 समावेशी विकास की ओर बढ़ता कदम है, जो भारत को वैश्विक शक्ति बनाएगा।

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